Saturday, May 23, 2026
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आज फिर 39 बालिकाएं बनीं “नंदा-सुनंदा”; डीएम ने वितरित किए रू0 12.98 लाख के चेक

अंशिका एमएससी, अमृता बीए-बीएड, मदीहा बेग बीसीए, हर्षिता बीएससी ओटीटी, आंचल पुण्डीर बीएससी नर्सिंग एवं तनिष्का बीएससी की उच्च शिक्षा को मिला नया जीवन

बेटियों के हौसले की लौ को ‘नंदा-सुनंदा’ से शिक्षा की चिंगारी में बदल रहा जिला प्रशासन

“नंदा-सुनंदा” के 15वें संस्करण में भावुक हुए सभी; बालिकाओं और माताओं की संघर्षगाथा सुन छलक पड़े आंसू

जिला प्रशासन देहरादून द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “नंदा-सुनंदा” के 15वें संस्करण में आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में 39 जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित करते हुए रू0 12.98 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बालिकाओं को चेक वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा शिक्षा के प्रति निरंतर समर्पित रहने का संदेश दिया। नंदा-सुनंदा 15वें संस्करण में प्राइमरी की 12, अपर प्राइमरी की 9, सेकेंडरी की 5, सीनियर सेकेंडरी की 7, ग्रेजुएशन की 5 तथा पोस्ट ग्रेजुएशन की 1 बालिका को सहायता प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान भावुक क्षण तब आए जब बालिकाओं एवं उनकी माताओं ने अपनी जीवन संघर्ष की कहानी साझा की। कई बालिकाओं ने बताया कि पिता की मृत्यु, आर्थिक तंगी, पारिवारिक संकट अथवा एकल अभिभावक की परिस्थितियों के कारण उनकी शिक्षा बीच में रुकने की स्थिति में पहुंच गई थी। उनकी पीड़ा सुनकर सभागार में उपस्थित अधिकारी, कर्मचारी एवं अभिभावकों की आंखें नम हो गईं।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक हैं, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति से हर कठिन परिस्थिति का सामना किया जा सकता है। उन्होंने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें प्राप्त अवसरों का पूरा उपयोग कर अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि “नंदा-सुनंदा” मा० मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संचालित एक संवेदनशील पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर बालिकाओं की शिक्षा को बाधित होने से बचाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी प्रतिभा आर्थिक अभाव के कारण पीछे न रह जाए। जिलाधिकारी ने इस अभियान से जुड़े समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्राउंड टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने का अभियान है।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि बच्चों को पूरी जिम्मेदारी और लगन से पढ़ाई करनी चाहिए, ताकि आगे चलकर वे स्वयं सक्षम बनें और समाज के अन्य जरूरतमंद लोगों के लिए भी सहयोग का माध्यम बन सकें। उन्होंने कहा कि सरकार एवं जिला प्रशासन हर हाल में यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव में न रुके।
कार्यक्रम में कई प्रेरणादायक उदाहरण सामने आए।
अंशिका शर्मा, एमएससी द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा ने बताया कि उनकी माता आंगनबाड़ी कार्यकर्ती हैं तथा आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पढ़ाई जारी रखना कठिन हो गया था। मदीहा बेग, बीसीए द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद उनकी माता सिलाई कर परिवार चला रही हैं। तनिष्का मेहर ने कहा कि पिता के निधन के बाद पूरा परिवार मां के सहारे है और आर्थिक संकट के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। हर्षिता, बीएससी ओटीटी की छात्रा ने बताया कि उनकी विधवा माता सिलाई कार्य कर परिवार चला रही हैं और फीस भरना संभव नहीं था। आंचल पुण्डीर, बीएससी नर्सिंग की छात्रा ने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण उनकी शिक्षा रुकने की स्थिति में थी। अमृता शर्मा, बीए-बीएड की छात्रा ने बताया कि वर्ष 2020 में पिता के निधन के बाद उनकी माता आंगनबाड़ी कार्यकर्ती के रूप में परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। सभी 39 बालिकाओं ने जिला प्रशासन द्वारा मिली सहायता का सदुपयोग करते हुए आगे बढ़ने तथा सफल होकर समाज के जरूरतमंद एवं असहाय लोगों की सेवा करने का संकल्प लिया।
जिला प्रशासन का यह प्रोजेक्ट अब तक 175 बालिकाओं की शिक्षा को नया जीवन दे चुका है। अब तक कुल रू0 57 लाख की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत प्राइमरी की 41, अपर प्राइमरी की 31, सेकेंडरी की 24, सीनियर सेकेंडरी की 31, ग्रेजुएशन की 34, पोस्ट ग्रेजुएशन की 6, पीएचडी की 2, एएनएम की 1, सिविल इंजीनियरिंग की 1, एमबीबीएस की 1, होटल मैनेजमेंट की 1 तथा स्किल डेवलपमेंट की 2 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की जा चुकी है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, संबंधित क्षेत्रों की सीडीपीओ, अन्य अधिकारी, कार्मिक, बालिकाएं एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे

Ankur Singh
Ankur Singhhttps://hilllive.in
Ankur Singh is an Indian Journalist, known as the Senior journalist of Hill Live
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