Wednesday, June 10, 2026
spot_img
spot_img
Homeउत्तराखंडसीएम घोषणाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, डीएम ने दिए कड़े...

सीएम घोषणाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, डीएम ने दिए कड़े निर्देश

126 मुख्यमंत्री घोषणाओं पर कार्यवाही गतिमान, शीघ्र जनता को समर्पित करने पर जोर

जन आकांक्षाओं से जुड़ी हैं मुख्यमंत्री घोषणाएं, युद्धस्तर पर पूरा करें कार्य-डीएम

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक लेते हुए सभी विभागों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी मुख्यमंत्री घोषणाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता पर युद्धस्तर पर पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही, देरी अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की अद्यतन स्थिति को पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट किया जाए। शासन स्तर पर स्वीकृति अथवा अन्य कारणों से लंबित प्रस्तावों के संबंध में विभागीय वरिष्ठ अधिकारी स्वयं शासन के उच्चाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उनकी प्रगति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों की लगातार पैरवी कर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए।

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर कोई भी मुख्यमंत्री घोषणा तीन माह से अधिक समय तक लंबित नहीं रहनी चाहिए। जिन विभागों द्वारा अभी तक कार्यदायी संस्थाएं नामित नहीं की गई हैं, वे तत्काल कार्यदायी संस्था का चयन कर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करें। जिन योजनाओं के लिए भूमि की आवश्यकता है, उनमें संबंधित उप जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर शीघ्र भूमि चयन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की मॉनिटरिंग के लिए नियुक्त नोडल अर्थ एवं संख्या अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी अपूर्ण घोषणाओं के लिए विभागवार समयसीमा निर्धारित की जाए। निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण न करने वाले विभागों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है, उन्हें युद्धस्तर पर पूरा कर जल्द से जल्द जनता को समर्पित किया जाए, ताकि मुख्यमंत्री घोषणाओं का लाभ समयबद्ध रूप से आमजन तक पहुंच सके।

समीक्षा बैठक के दौरान सिंचाई विभाग में सर्वाधिक घोषणाएं लंबित पाए जाने तथा सक्षम अधिकारी की अनुपस्थिति एवं सहायक अभियंता स्तर पर समुचित जानकारी प्रस्तुत न किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने विभाग को नोटिस जारी करते हुए भविष्य में बैठकों में पूर्ण तैयारी और तथ्यात्मक जानकारी के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए।

सिंचाई, शहरी विकास, पेयजल, लोक निर्माण विभाग, विद्यालयी शिक्षा, पर्यटन, आवास तथा समाज कल्याण विभागों में अपेक्षाकृत अधिक घोषणाएं लंबित पाए जाने पर संबंधित विभागों को भी नोटिस जारी करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी के स्तर पर मुख्यमंत्री घोषणाओं की नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं क्षेत्र विशेष की जन आकांक्षाओं और विकास का आधार हैं। इनके क्रियान्वयन में किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि घोषणा पटल पर अपने विभाग से संबंधित घोषणाओं की अद्यतन जानकारी भी नियमित रूप से प्रदर्शित करें।

बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2021 से अब तक जनपद में मुख्यमंत्री द्वारा कुल 565 घोषणाएं की गई हैं। इनमें से 353 घोषणाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। 76 घोषणाएं अपूर्ण, 10 आंशिक रूप से पूर्ण तथा 126 घोषणाओं पर कार्यवाही गतिमान है। गतिमान घोषणाओं में सिंचाई विभाग की 40, शहरी विकास, आवास एवं लोक निर्माण विभाग की 10-10, संस्कृति विभाग की 9, विद्यालयी शिक्षा की 8, पर्यटन की 7, चिकित्सा की 5, खेल विभाग की 4 तथा ऊर्जा एवं पेयजल विभाग की 3-3 घोषणाएं शामिल हैं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.के. शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, लोक निर्माण विभाग, यूपीसीएल, पेयजल, सिंचाई, समाज कल्याण, बाल विकास आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Ankur Singh
Ankur Singhhttps://hilllive.in
Ankur Singh is an Indian Journalist, known as the Senior journalist of Hill Live
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular