उत्तराखंड के द्वारहाट से कांग्रेस विधायक मदन सिंह बिष्ट के एक वायरल वीडियो को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा फैलाए जा रहे सुनियोजित दुष्प्रचार और “माफी” की मांग को कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से खारिज करती है। कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करती है कि जनता के असल मुद्दों को उठाने वाले हमारे जननेता भाजपा के किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे और माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
हमारे विधायक ने किसी भी तरह के अपशब्दों का प्रयोग नहीं किया अपशब्द का मतलब है किसी विधवा को जिसके पति देश के लिए शहीद हो गए हों उसे कॉंग्रेस की विधवा कहना, किसी की धर्मपत्नी को 500 करोड़ की गर्लफ्रेंड कहना!
तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना भाजपा हमेशा की तरह एक चुनिंदा और कटे-छंटे (Edited) वीडियो के आधार पर तिल का ताड़ बना रही है। विधायक मदन सिंह बिष्ट स्थानीय जनता की समस्याओं और प्रदेश की विफलताओं पर बात कर रहे थे, जिसे जानबूझकर राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश: राज्य में बढ़ती बेरोजगारी, चरमराती कानून व्यवस्था, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे बुनियादी मुद्दों पर घिरी हुई भाजपा सरकार के पास जब कोई जवाब नहीं होता, तो वह ऐसे ‘विक्टिम कार्ड’ (Victim Card) का सहारा लेती है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस और पुतला दहन सिर्फ असली समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने का एक राजनीतिक स्टंट है।
तानाशाही के आगे नहीं झुकेंगे: भाजपा देश और प्रदेश में एक ऐसी तानाशाही व्यवस्था चलाना चाहती है जहां विपक्ष का कोई भी नेता सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज न उठा सके। कांग्रेस विधायक मदन सिंह बिष्ट हमेशा जनता की लड़ाई लड़ते आए हैं और उनकी बेबाकी से घबराकर ही भाजपा उन पर व्यक्तिगत हमले कर रही है।
माफी का कोई सवाल नहीं: कांग्रेस पार्टी और विधायक मदन सिंह बिष्ट भाजपा के इस जबरन थोपे जा रहे ड्रामे के सामने नहीं झुकेंगे। जब कोई गलत काम या अपराध किया ही नहीं गया है, तो माफी मांगने का कोई औचित्य नहीं बनता।
कांग्रेस पार्टी भाजपा को खुली चुनौती देती है कि वे अपनी ऊर्जा पुतले फूंकने और रोना रोने में बर्बाद करने के बजाय उत्तराखंड की जनता को यह बताएं कि उन्होंने रोजगार, सड़कों की हालत और स्थानीय विकास के लिए क्या किया है। हम जनता की अदालत में जवाबदेह हैं, भाजपा के झूठे आईटी सेल और प्रवक्ताओं के सामने नहीं।



