मेडिकल लैब टैक्नोलॉजिस्ट संघ उत्तराखण्ड के बैनर तले एकता विहार धरना स्थल पर अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत बेरोजगार डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियनों ने धरने के 59वें दिन उत्तराखण्ड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर सभी आंदोलनकारियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संकल्प लिया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश है। उन्होंने कहा कि एक ओर उत्तराखण्ड में हरेला पर्व मनाकर वृक्षारोपण किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ऋषिकेश में विकास के नाम पर हजारों पेड़ों की कटाई की जा रही है, जो अत्यंत चिंताजनक है। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
आंदोलनरत लैब तकनीशियनों ने कहा कि जिस प्रकार पर्यावरण की रक्षा के लिए वृक्ष आवश्यक हैं, उसी प्रकार प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रशिक्षित मेडिकल लैब तकनीशियनों की नियुक्ति भी अत्यंत आवश्यक है। वर्षों से बेरोजगार डिग्रीधारी लैब तकनीशियन अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार अब तक उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रही है।
संघ ने सरकार से पुनः मांग की कि IPHS मानकों के अनुसार मेडिकल लैब तकनीशियनों के पदों का सृजन किया जाए, वर्षवार मेरिट के आधार पर सेवा नियमावली बना कर नियमित भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जाए, ओवरएज अभ्यर्थियों को एकमुश्त आयु सीमा में छूट प्रदान की जाए तथा सरकारी लैबों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष आशीष ख़ाली, प्रदेश महासचिव मयंक राणा, उपाध्यक्ष रणवीर बिष्ट, सिद्धार्थ कुकरेती, दीपक जोशी, अरुण बर्थवाल, धनबीर बगियाल अनूप रावत, नवनीत थपलियाल, आशुतोष सेमवाल, लोकेंद्र भट्ट, राहुल देव, अखिलेश भट्ट, सहित बड़ी संख्या में बेरोजगार डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियन उपस्थित रहे।
संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी चार सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक एकता विहार धरना स्थल पर उनका आंदोलन निरंतर जारी रहेगा



