छात्राओं के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी के कथित दोहरे रवैये के विरोध में आज भाजपा महिला मोर्चा द्वारा भाजपा महानगर कार्यालय, देहरादून से निकल कर कांग्रेस प्रदेश कार्यालय का घेराव करने के लिए विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट के नेतृत्व में किए गए इस प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस संसद डॉ अंगोमच बिमोल अकोईजम द्वारा छात्राओं के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार के मामले और उनके निलंबन से जुड़े प्रकरण पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की गई।
इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने कहा कि “महिला सशक्तीकरण केवल मंचों से बड़े-बड़े नारे लगाने, पोस्टर बनाने और राजनीतिक अभियान चलाने का विषय नहीं है। इसकी असली परीक्षा तब होती है, जब महिलाओं और बेटियों के सम्मान, सुरक्षा तथा न्याय का सवाल सामने आता है। ‘लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ’ और ‘स्मैश पैट्रिआर्की’ जैसे नारों के माध्यम से महिला अधिकारों की बात करने वाली कांग्रेस को आज यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्राओं के सम्मान से जुड़े इस गंभीर प्रकरण पर उसका रुख क्या है?”
भट्ट ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की बात करना और वास्तविक परिस्थितियों में उनके साथ खड़े होना, दोनों अलग-अलग बातें हैं। यदि महिला सम्मान के मुद्दे पर राजनीतिक सुविधा के अनुसार प्रतिक्रिया दी जाती है, तो महिला सशक्तीकरण के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा किसी राजनीतिक दल की विचारधारा या सुविधा से ऊपर होनी चाहिए। ऐसे मामलों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है।
उन्होंने आगे कहा कि “हमारी बेटियां देश का भविष्य हैं। उनके सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। किसी भी मामले में आरोपों की निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। लेकिन राजनीतिक दलों की नैतिक जिम्मेदारी भी है कि वे ऐसे मामलों पर स्पष्ट रुख अपनाएं और पीड़ितों के अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाएं। महिला सम्मान के विषय पर चुप्पी या चयनात्मक प्रतिक्रिया समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े करती है रुचि भट्ट ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा महिलाओं और बेटियों के अधिकारों, सुरक्षा तथा सम्मान से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण का अर्थ महिलाओं को केवल अवसर देना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण सुनिश्चित करना भी है, जिसमें वे बिना भय के शिक्षा प्राप्त कर सकें, अपने सपनों को साकार कर सकें और सम्मान के साथ जीवन जी सकें पूरे देश की राजधानियों में इसी तरह का विरोध प्रदर्शन किया गया। धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।



