लोकतंत्र के महापर्व में प्रत्येक मतदाता की सहभागिता सुनिश्चित करने और मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जनपद देहरादून में मतदाता जागरूकता अभियान तेज हो गया है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशों पर सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता (स्वीप) कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न शिक्षण संस्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि विगत निर्वाचनों में जिन मतदेय स्थलों पर मतदान प्रतिशत 50 प्रतिशत से कम रहा है, वहां विशेष अभियान चलाकर मतदाताओं को मतदान के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में ऐसे सभी मतदेय स्थलों पर 75 प्रतिशत से अधिक मतदान सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, पूर्ति, उद्योग, खेल, श्रम, पंचायती राज, परिवहन, विद्युत, दूरसंचार, वाणिज्य कर, एमडीडीए, नगर निगम सहित सभी संबंधित विभागों एवं विकासखंड स्तरीय कार्यालयों को स्वीप के तहत विशेष मतदाता जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। अभियान के माध्यम से अधिकाधिक लोगों तक पहुंच बनाकर मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
इसी क्रम में शिक्षण संस्थानों में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम शुरू कर दिए गए हैं। सनातन धर्म इंटर कॉलेज, मसूरी में छात्र-छात्राओं को मतदान के महत्व और लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता की भूमिका की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को निर्वाचन प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से विद्यालय में छात्र परिषद के चुनाव लोकतांत्रिक प्रणाली के अनुरूप कराए गए। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए चुनाव प्रक्रिया को समझा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता प्राप्त की।
वहीं, जोड़ी गांव में भी मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को आगामी चुनावों में अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने तथा लोकतंत्र को सशक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने अभियान के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने, विशेषकर कम मतदान वाले क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया है, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में अधिकाधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें



