Monday, October 26, 2026
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अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी का नाम दबाने की कोशिश; रेणु बिष्ट और दुष्यंत गौतम से अब तक पूछताछ न होना दुर्भाग्यपूर्ण है, उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी कई सवाल खड़े करता है : डॉ. प्रतिमा सिंह

अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी (VIP) का नाम उजागर करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर की अचानक हुई गिरफ्तारी पर प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने सरकार और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की भूमिका पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बयान जारी कर कहा है कि सच बोलने वालों को जेल में डालना और मुख्य संदिधों को खुली छूट देना यह साबित करता है कि सरकार के भीतर बैठे रसूखदार लोगों को बचाने के लिए हर मुमकिन हथकंडा अपनाया जा रहा है।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने बेहद कड़े शब्दों में सवाल उठाया कि जब उर्मिला सनावर ने सीबीआई कोर्ट के सामने खुद नार्को टेस्ट के लिए बिना किसी हिचकिचाहट के सहमति दे दी थी, तो प्रशासन ने जांच को आगे बढ़ाने के बजाय उन्हें गिरफ्तार क्यों किया? उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसी को कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा, “आखिर क्या वजह है कि गंभीर आरोपों और जन-आक्रोश के बावजूद सीबीआई ने अब तक भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम और यमकेश्वर की विधायक रेणु बिष्ट से गहन पूछताछ करने की जहमत नहीं उठाई?”
उन्होंने कहा कि एक तरफ मामले से जुड़े सबूतों को नष्ट करने में कथित भूमिका को लेकर विधायक रेणु बिष्ट की कॉल डिटेल्स और भूमिका की जांच की मांग लगातार हो रही है, वहीं दूसरी तरफ इस पूरे मामले में कथित वीआईपी के तौर पर बार-बार नाम सामने आने के बावजूद दुष्यंत कुमार गौतम को जांच के दायरे में लाने के बजाय सरकार ने उन्हें एक राज्य का राज्यपाल नियुक्त कर दिया। क्या यह कदम उन्हें कानूनी कार्यवाहियों से संवैधानिक सुरक्षा कवच देने का एक सोचा-समझा प्रयास है? नार्को टेस्ट के माध्यम से अंकिता भंडारी हत्याकांड का जो सच बाहर आने वाला था, उसे दबाने के लिए ही आनन-फानन में यह गिरफ्तारी की गई है।
भेदभावपूर्ण रवैया बंद होना चाहिए अंकिता भंडारी हत्याकांड के असली गुनहगारों और पर्दे के पीछे छिपे वीआईपी को बेनकाब करने के लिए उर्मिला सनावर का निष्पक्ष नार्को टेस्ट अविलंब कराया जाए और मुख्य संदिग्धों पर कार्रवाई हो।
दुष्यंत गौतम और रेणु बिष्ट से हो पूछताछ क्यों नहीं की गई अब तक,जांच एजेंसी तुरंत दुष्यंत कुमार गौतम और विधायक रेणु बिष्ट के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन और डिजिटल सबूतों को ज़ब्त कर उनसे कड़ी पूछताछ करे।
दबाव की राजनीति का अंत होना चाहिए तभी अंकिता को न्याय मिलेगा,गवाहों या मामले से जुड़े व्यक्तियों को अन्य मुकदमों में उलझाकर डराने की कोशिश बंद हो ताकि न्याय प्रक्रिया प्रभावित न हो।
न्यायिक संरक्षण प्रदान होना चाहिए वरना कोई भी गवाह आगे आने से डरेगा,माननीय अदालत इस पूरे घटनाक्रम का स्वतः संज्ञान ले और सुनिश्चित करे कि राजनीतिक रसूख के कारण जांच की दिशा न मोड़ी जाए।
डॉ. सिंह ने अंत में सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए पूरा प्रदेश एकजुट है। सरकार चाहे जितने भी हथकंडे अपना ले और कितनी भी घबराहट में सच छुपाने की कोशिश करे, इस बार जनता वीआईपी को बेनकाब कराकर ही दम लेगी

Ankur Singh
Ankur Singhhttps://hilllive.in
Ankur Singh is an Indian Journalist, known as the Senior journalist of Hill Live
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