Tuesday, October 27, 2026
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किसानों की हितैषी केवल कांग्रेस सरकार रही हैंः-राजीव महर्षि

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष राजीव महर्षि ने निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा द्वारा कांग्रेस पर गन्ना किसानों के मामले में साथ न देने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यदि किसी सरकार ने किसानों की सुध लेने की कोशिश की तो वह केवल कांग्रेस की ही सरकार थी।
राजीव महर्षि ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस की केन्द्र सरकार ने किसानों का ₹71,680 करोड़ का कर्ज माफ किया था तथा उत्तराखण्ड राज्य गठन के बाद कांग्रेस सरकारों के दो कार्यकालों में गन्ना किसानों, चीनी मिलों और गन्ना उत्पादक क्षेत्रों के विकास से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी के प्रथम कार्यकाल (2002-2007) में मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी तथा द्वितीय कार्यकाल (2012-2017) में मुख्यमंत्री श्री विजय बहुगुणा एवं श्री हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकारें रहीं। इन कार्यकालों की उपलब्धियों का मूल्यांकन मुख्यतः गन्ने के समर्थन मूल्य, किसानों के बकाया भुगतान, चीनी मिलों के संचालन, सहकारी चीनी उद्योग तथा गन्ना उत्पादक किसानों को मिलने वाली सुविधाओं के आधार पर किया जा सकता है।
कांग्रेस सरकार का प्रथम कार्यकाल (2002-2007) में मुख्यमंत्री श्री नारायण दत्त तिवारी सरकार में गन्ना मूल्य निर्धारण करने तथा किसानों को गन्ने का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए राज्य परामर्शित मूल्य (ै।च्) की व्यवस्था की गई। सहकारी चीनी मिलों का संचालन बाजपुर, किच्छा और नादेही जैसी सहकारी चीनी मिलों की भूमिका तथा उनके संचालन के लिए सरकारी सहायता उपलब्ध कराई गई। गन्ना विकास कार्यक्रम] गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में उन्नत बीज, उत्पादकता वृद्धि और गन्ना विकास समितियों की गतिविधियां बढ़ाने का काम किया गया। चीनी मिलों द्वारा किसानों को गन्ने का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की सरकारी व्यवस्था की गई।
राजीव महर्षि ने कहा कि कांग्रेस सरकार का द्वितीय कार्यकाल (2012-2017) में गन्ना किसानों के हित में कई निर्णयों के दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध हैं। जिनमें गन्ने के समर्थन मूल्य में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई। वर्ष 2012-13 में कांग्रेस सरकार ने गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य ₹250 प्रति क्विंटल से बढ़ाकर ₹285 प्रति क्विंटल किया। इस प्रकार गन्ना मूल्य में ₹35 प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई। यह वृद्धि लगभग 15 प्रतिशत थी। उत्तर प्रदेश से अधिक गन्ना मूल्य निर्धारित किया गया तथा वर्ष 2013-14 में कांग्रेस सरकार द्वारा गन्ने का मूल्य ₹285 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया। यह उत्तर प्रदेश में निर्धारित ₹280 प्रति क्विंटल के मुकाबले ₹5 अधिक था।
राजीव महर्षि ने यह भी कहा कि कांगेस शासन में चीनी मिलों को वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया लेते हुए दिसम्बर 2013 में राज्य सरकार ने चीनी मिलों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने और किसानों का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के लिए कडे कदम उठाए। तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा जनवरी 2014 में चीनी मिलों के लिए केन्द्र सरकार से ₹350 करोड़ का राहत पैकेज प्राप्त करने की पहल की गई। यह पैकेज ब्याजमुक्त ऋण योजना के अंतर्गत मांगा जाना था।
वर्ष 2013 में राज्य सरकार और चीनी मिल संचालकों के बीच हुई बैठक में चीनी मिलों को राहत देने के लिए गन्ना खरीद कर और समिति कमीशन में छूट देने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य चीनी मिलों पर वित्तीय दबाव कम करके किसानों का भुगतान सुचारु रखना था। जनवरी 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत की सरकार ने गन्ना भुगतान के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिये जिसके तहत
चीनी मिलों को गन्ना खरीद के 14 दिनों के भीतर ₹240 प्रति क्विंटल का प्रथम भुगतान करना था। पेराई सत्र समाप्त होने के तीन महीने के भीतर ₹20 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त भुगतान किया जाना था। शेष ₹20 प्रति क्विंटल के लिए सरकार ने चीनी मिलों को वित्तीय सहायता देने की व्यवस्था की। इस प्रकार ₹280 प्रति क्विंटल के निर्धारित मूल्य का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए चरणबद्ध व्यवस्था बनाई गई। वर्ष 2015 में कांग्रेस सरकार ने चीनी मिलों को राहत देने के लिए अनेक कल्याणकारी निर्णय लिए।

राजीव महर्षि ने कहा कि निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा को यह सवाल सत्ताधारी दल से करना चाहिए कि उसने अपने 10 वर्ष के कार्यकाल में किसानों के लिए क्या किया। उनका वक्तव्य उनकी मानसिकता को भी दर्शाता है तथा उनके द्वारा कांग्रेस से सवाल करने से साफ जाहिर होता है कि वे सत्ताधारी दल के इशारों पर नाच रहे हैं

Ankur Singh
Ankur Singhhttps://hilllive.in
Ankur Singh is an Indian Journalist, known as the Senior journalist of Hill Live
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