Wednesday, February 8, 2023
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बिहार में महागठबंधन की सरकार: 8वीं बार CM पद की शपथ लेंगे नीतीश, तेजस्वी बनेंगे उपमुख्यमंत्री

पटना: बिहार में एक बार फिर से महागठबंधन की सरकार बन रही है. आज महागठबंधन के नेता के तौर पर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ (Nitish Kumar will take oath as CM ) लेंगे. नीतीश कुमार आठवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. वहीं, तेजस्वी यादव दूसरी बार उप मुख्यमंत्री पद की शपथ (Tejashwi Yadav will become Deputy CM) लेंगे. आज 2 बजे राजभवन में केवल मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ही शपथ लेंगे. 9 अगस्त को नीतीश कुमार ने एनडीए से अलग होकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था और फिर महागठबंधन के नेता के तौर पर सरकार बनाने का दावा राजभवन में पेश किया था. महागठबंधन के 7 दलों का नीतीश कुमार नेतृत्व करेंगे।

नीतीश कुमार सीएम पद की शपथ लेंगे: महागठबंधन के नेता के तौर पर नीतीश कुमार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे. नीतीश कुमार कुल आठवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. पहली बार 3 मार्च 2000 को मुख्यमंत्री की शपथ ली थी. हालांकि वह सरकार 7 दिन ही चल पाई और उनको इस्तीफा देना पड़ा था. उसके बाद नीतीश कुमार 24 नवंबर 2005 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और 20 मई. 2014 से लेकर 22 फरवरी, 2015 की अवधि को छोड़ दें नीतीश लगातार बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं. केवल 278 दिन जीतनराम मांझी बिहार के मुख्यमंत्री बने थे.

नीतीश कुमार आज आठवीं बार मुख्यमंत्री की शपथ लेने जा रहे हैं. इससे पहले 7 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं. नीतीश कुमार कब-कब बिहार में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है, वह इस प्रकार से हैं…

  • 3 मार्च, 2000 पहली बार
  • 24 नवंबर , 2005 दूसरी बार
  • 26 नवंबर, 2010 तीसरी बार
  • 22 फरवरी, 2015 चौथी बार
  • 20 नवंबर, 2015 पांचवी बार
  • 27 जुलाई , 2017 छठी बार
  • 16 नवंबर, 2020 सातवीं बार
  • 10 अगस्त, 2022 आठवीं बार लेंगे शपथ

नीतीश कुमार एनडीए और महागठबंधन दोनों सरकारों की मुखिया बने रहे हैं और जिस गठबंधन में रहे हैं, उसकी ही सरकार बनी है. 24 नवंबर, 2005 से लेकर 20 मई, 2014 तक एनडीए के मुख्यमंत्री रहे और फिर 22 फरवरी, 2015 से महागठबंधन के सहयोग से मुख्यमंत्री बने हैं. 20 नवंबर, 2015 से महागठबंधन के मुख्यमंत्री बने और फिर 27 जुलाई, 2017 से 9 अगस्त, 2022 तक एनडीए के मुख्यमंत्री बने रहे और अब एक बार फिर से महागठबंधन के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री बनने का बिहार में रिकॉर्ड बनाया है।

वहीं, तेजस्वी यादव 22 नवंबर, 2015 में पहली बार बिहार के उप मुख्यमंत्री बने थे, जब नीतीश कुमार एनडीए से निकलकर महागठबंधन में शामिल हो गए थे और महागठबंधन को विधानसभा चुनाव में जबरदस्त जीत मिली थी. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में तेजस्वी उप मुख्यमंत्री बने थे और आज एक बार फिर से दूसरी बार उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. वैसे मंत्रिमंडल का विस्तार बाद में होगा.

बिहार विधानसभा में आरजेडी के 79, जेडीयू के 45, कांग्रेस के 19, माले के 12, सीपीआई दो, सीपीएम दो, हम चार और एक निर्दलीय कुल 164 विधायकों का समर्थन नीतीश कुमार के साथ है. विपक्ष में केवल बीजेपी 77 और एआईएमआईएम के एक सदस्य ने कुल 78 सदस्य बच गए हैं. बिहार विधानसभा में 243 सदस्य हैं. अभी एक सदस्य कम है और सदस्यों की संख्या के हिसाब से कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं.

एनडीए सरकार में 30 मंत्री बनाए गए थे और अब महागठबंधन के दलों को उनकी विधायकों की संख्या के हिसाब से मंत्री पद आवंटित किया जाएगा. अभी से ही कई नामों की चर्चा शुरू हो गई है. जहां जेडीयू की ओर से सबसे वरिष्ठ नेता बिजेंद्र यादव के मंत्री बनाए जाने की चर्चा हो रही है. उनके साथ विजय कुमार चौधरी, उपेंद्र कुशवाहा, संजय झा, श्रवण कुमार, लेसी सिंह तो वहीं आरजेडी से तेजप्रताप यादव, आलोक मेहता, भाई बिरेंद्र, सुनील कुमार सिंह, अनिता देवी, कांग्रेस से मदन मोहन झा, शकील अहमद खान, अजीत शर्मा, हम से संतोष कुमार सुमन और निर्दलीय सुमित कुमार सिंह का नाम तय माना जा रहा है. विधानसभा अध्यक्ष के लिए अवध बिहारी चौधरी के नाम की चर्चा हो रही है.

महागठबंधन साथ आने पर नीतीश कुमार राबड़ी देवी से भी मुलाकात की और 2017 को भूल जाने की बात भी कही. सोनिया गांधी और राहुल गांधी से बात कर समर्थन देने के लिए आभार भी जताया. नीतीश कुमार तीसरी बार पलटी मारे हैं. 9 अगस्त को राजधानी पटना में पूरे दिन राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी रही. मुख्यमंत्री आवास से लेकर राजभवन तक दिनभर गमागहमी बनी रही. मुख्यमंत्री ने 11:00 बजे से जेडीयू के विधायकों, सांसदों और पार्टी के सभी नेताओं के साथ बैठक कर एनडीए से अलग होने का फैसला लिया और और राजभवन जाकर एनडीए के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. उसके बाद महागठबंधन के 7 दलों के नेता चुने गए और फिर से सरकार बनाने का दावा पेश किया. बीजेपी पर जेडीयू को कमजोर करने सहित कई तरह का आरोप भी लगाया. वहीं तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में बीजेपी का एजेंडा लागू नहीं होने देंगे.

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