मिशन-2022: नाम फाइनल होते ही कांग्रेसी दावेदारों को देहरादून-दिल्ली की लगानी पड़ी दौड़

Ankur Singh

मिशन-2022 में जुटी कांग्रेस में टिकटों को लेकर हलचल तेज हो गई है। प्रदेश नेतृत्व द्वारा 45 नाम फाइनल करने की बात कहने के बाद दावेदारों ने देहरादून से लेकर दिल्ली तक के चक्कर काटने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो वर्तमान में भीमताल, हल्द्वानी, कालाढूंगी और लालकुआं से करीब दो दर्जन कांग्रेसी दावेदार दिल्ली और दून में जमे हुए हैं। इनमें से अधिकांश दावेदार प्रत्याशियों की पहली सूची में अपना नाम ढूंढने में व्यस्त हैं।

बीते शुक्रवार को कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने देहरादून में पत्रकार वार्ता कर बताया था कि प्रत्याशियों की घोषणा करने को लेकर होमवर्क कर लिया गया है। 45 टिकटों पर सर्वसम्मति बन चुकी है। कहा कि इन सीटों पर टिकट बंटवारे को लेकर कोई विवाद नहीं है। इतना ही नहीं, इससे पूर्व भी 30 से 35 नाम फाइनल होने की बात प्रदेश कमेटी पदाधिकारी कह चुके थे।

 

ऐसे में उन विधानसभा सीटों पर दावेदारी कर रहे कांग्रेसियों की दिल की धड़कनें बढ़ गईं, जहां 10 या इससे अधिक दावेदार हैं। हर कोई दावेदार फाइनल सूची में अपना नाम देखना चाहता है। इसके लिए जिसकी देहरादून तक पहुंच है, वो तत्काल दून और जिनकी दिल्ली तक पहुंच है, वो दिल्ली रवाना हो गया है। नैनीताल जिले की 6 विधानसभा सीटों से ही करीब एक दर्जन दावेदार वहीं डेरा जमाए हुए हैं।

 

नैनीताल जिले में कांग्रेस के टिकट के 51 दावेदार

बीते दिनों हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में नैनीताल जिले से 51 कांग्रेसियों ने दावेदारी के लिए आवेदन दिया था। हल्द्वानी, लालकुआं और कालाढूंगी विधानसभा से 10-10, भीमताल से 14, रामनगर से 4 और नैनीताल से 3 कांग्रेसी टिकट पाने की कतार में खड़े हैं।

 

टिकट बंटवारे के लिए करनी होगी मशक्कत

नैनीताल जिले की कई सीटों पर टिकट बंटवारा केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के लिए आसान नहीं होगा। हल्द्वानी, कालाढूंगी, लालकुआं, नैनीताल ऐसी सीटें हैं, जहां किसी एक का टिकट फाइनल होते ही दूसरे दावेदारों को मनाना टेढ़ी खीर साबित हो सकता है।

टिकट फाइनल होने से पहले दावेदारों को दिल्ली और देहरादून के चक्कर लगाना सामान्य प्रक्रिया है। जिन्हें लगता है कि उनके साथ अन्याय न हो, वे अपनी बात पार्टी नेतृत्व के सामने रखने जाते हैं। बहरहाल, टिकट किसे देना है किसे नहीं, यह तय करना हाईकमान के हाथ में है।

 

 

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Ankur Singh is an Indian Journalist, known as the Senior journalist of Hill Live
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