Tuesday, November 29, 2022
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राजकीय महाविद्यालय जखोली में एक दिवसीय कार्यशाला विषय बागवानी जैविक कृषि पर आयोजित

राजकीय महाविद्यालय जखोली जनपद रुद्रप्रयाग में शोध एवं विकास नवाचार योजना के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला विषय बागवानी जैविक कृषि पर आयोजित की गई जिसमें महाविद्यालय की प्राचार्य एवं संरक्षिका डॉ कु.माधुरी जी ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की इस कार्यक्रम में मुख्य बतौर मुख्य अतिथि श्रीमान नारायण सिंह बुटोला जी थे, एवं कार्यक्रम के नोडल ऑफिसर कॉलेज के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ देवेश चंद्र जी थे! जिन्होंने कार्यक्रम का संचालन किया।

इस कार्यक्रम में प्रशिक्षण टीम के श्री महावीर सिंह राणा जी ने बागवानी जैविक कृषि के महत्व को रेखांकित करते हुए भूमि की उर्वरता के महत्व उर्वरता की कमी के कारण कृषि में उत्पन्न होने वाले दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए छात्र छात्राओं को प्रशिक्षण दिया । कृषि में रासायनिक कीटनाशकों के प्रयोग से भूमि की उर्वरता को समाप्त होने का प्रमुख कारण बताया गया। गोबर गैस प्लांट, गाय पालन, जीरो बजट कृषि का प्रचार प्रसार करना भी महत्वपूर्ण है।

नील हरित शैवाल एंजोला खाद जो भूमि के लिए प्रोटीन उत्पन्न करता है इस विषय पर भी उन्होंने अपने विचार रखे । बागवानी जैविक कृषि से स्वच्छ अन्न , स्वच्छ दूध , सब्जी एवं फल प्राप्त होते हैं । जनपद रुद्रप्रयाग में कीवी माल्टा पोलम पुष्प उत्पादन संतरा सेब आदि के जैविक उत्पादन की जानकारी एवं प्रशिक्षण भी छात्रों को प्रदान किया गया । महाविद्यालय वाटिका के लिए भी उन्होंने छात्रों का आह्वान किया ।

प्रशिक्षण टीम के श्री लक्ष्मण सिंह सजवान जी ने जैविक कृषि के ना होने के कारण शरीर पर पड़ने वाले कुप्रभावों का वर्णन किया । समाजिक , आर्थिक , सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध होते हुए भी हम जैविक कृषि में पिछड़ गए हैं जिसका कारण युवाओं का पलायन बताया ।

इसके साथ साथ उन्होंने शिक्षा को आत्मसात करने की बातों पर भी बल दिया । शिक्षा के द्वारा ही सामाजिक परिवर्तन किया जा सकता है जैविक बागवानी कृषि शुद्ध विज्ञान है किसी में बड़ी-बड़ी डिग्रियों की आवश्यकता नहीं होती वैज्ञानिक सूज भुज की आवश्यकता होती है वैज्ञानिक सोच समझकर आवश्यकता होती है इस बात को उन्होंने महत्वपूर्ण रूप से प्रशिक्षणार्थियों को बताया ।

श्री महावीर सिंह जगमोहन जी जो इस टीम के प्रशिक्षण जाता थे उन्होंने मनुष्य की मनुष्यता के महत्व को रेखांकित करते हुए बागवानी जैविक कृषि के महत्व को रेखांकित किया और छात्र छात्राओं को प्रशिक्षण प्रदान किया ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री नारायण सिंह बुटोला जी ने सभी को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए जैविक बागवानी कृषि पर अपने विचार व्यक्त किए कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ देवेश चंद्र जी ने उत्तराखंड में बागवानी जैविक कृषि के महत्व को रेखांकित किया इसकी इसी के साथ-साथ कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ कु. माधुरी जी ने सभी को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की एवं इस बात का विश्वास जताया कि निश्चित रूप से ही इस कार्यशाला से हमारे छात्र छात्रा और प्रशिक्षणार्थी बहुत कुछ सीखेंगे और आने वाले जीवन में उसका भरपूर रूप से प्रयोग करेंगे।

इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ. नंद लाल जी डॉ. बबीतकुमार विहान जी डॉ. सुभाष कुमार जी डॉ. भारती जी डॉक्टर विकास शुक्ला जी डॉ. दिलीप जी श्री सुमित बिजलवान जी , सोनम कुमारी जी पुस्तकालय अध्यक्ष श्री करण सिंह पवार जी श्रीमती पूनम रावत जी श्री महावीर जी श्री देवेंद्र जी श्रीमान सुरेंद्र पुरोहित जी पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप सिंह भारती जी पूर्व ग्राम प्रधान खेत श्री असाड सिंह राणा जी और अधिक संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे ।

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