Saturday, December 3, 2022
Home उत्तराखंड फर्जी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट मामले में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े दो लोग गिरफ्तार

फर्जी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट मामले में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े दो लोग गिरफ्तार

फर्जी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट मामले में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े दो लोग गिरफ्तार

टिहरी गढ़वाल की सीमा पर फर्जी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव बनाने के मामले में पुलिस ने स्वास्थ्य क्षेत्र के एक युवक व एक युवती को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करते हुए इस धंधे में शामिल अन्य साथियों की भी जांच शुरू कर दी है।

थाना मुनिकीरेती क्षेत्र में फर्जी आरटी पीसीआर रिपोर्ट के आधार पर कुछ व्यक्तियों के जिला सीमा में प्रवेश करने की सूचना मिल रही थी। जिसका संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने थाना मुनिकीरेती स्थित ढालवाला चेकिंग बैरियर पर छापेमारी की. इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल तृप्ति भट्ट के निर्देश पर मुनिकीरेती पुलिस ने वहां दिल्ली से आने वाले आठ लोगों की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट की जांच की, तो उक्त रिपोर्ट फर्जी निकली, जिस पर दिल्ली से आने वाले आठ लोगों को पकड़ा गया। लेकिन पांच हजार की फीस लेकर फर्जी रिपोर्ट तैयार करने वाले मुनिकीरेती पुलिस ने एक युवक व एक युवती को गिरफ्तार कर लिया।

थाना प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी के अनुसार इस मामले में मौके से पकड़े गये  विनय बिष्ट पुत्र स्व. राकेश बिष्ट निवासी 14 बीघा, मुनिकीरेती, टिहरी गढवाल, शीतल स्नेही जाटव, पुत्री बबलू स्नेही जाटव निवासी अंबेड़करनगर, ऋषिकेश के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपियों को नरेंद्रनगर कोर्ट में पेश किया गया, , जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

दोनों आरोपी स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाली अलग-अलग कंपनियों में कार्यरत हैं। पुलिस के मुताबिक, जिसमें मुख्य आरोपी विनय स्टार इमेजिंग कंपनी में कार्यरत है,सको ढालवाला में एंटीजन परीक्षण करने का कंट्रेक्ट मिला है। वहीं शीतल ऋषिकेश में नोवस पैथोलॉजी लैब में कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करती हैं और दोनों एक दूसरे से पहले से परिचित हैं।

दिल्ली से आने वाले युवकों को जब बूथ पर अपना एंटीजन टेस्ट कराने के लिए कहा गया, उस वक्त आरोपी बूथ पर अकेला था, जहां उसे एंटीजन किट खत्म कराने के लिए कहा गया और इसी वजह से आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया गया. इसके बाद आरोपी विनय बिष्ट ने पांच हजार रुपये की फीस लेकर नोवस पैथोलॉजी लैब से शीतल को 1600 रुपये देकर वहां से फर्जी रिपोर्ट तैयार करायी। अगर विवेचना के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता प्रकाश में आती है तो संबंधित के विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Hill Livehttps://hilllive.in
Hilllive.in पर उत्तराखंड के नवीनतम और ब्रेकिंग हिंदी समाचार पढ़ें।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here