उत्तराखंड: मिशन 2022 के लिए कांग्रेस ने उतारी सेना

Ankur Singh

परामर्श और मैराथन बैठकों के बाद, कांग्रेस आलाकमान ने आखिरकार 2022 के विधानसभा चुनाव अभियान के लिए अपनी सेना की घोषणा कर दी है। राज्य में सत्ता में वापसी का सपना देख रही कांग्रेस ने किसी एक खेमे को तरजीह देने की बजाय सबको साथ लेकर चलने की कोशिश की है.

खेमों के साथ ही क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने के लिए उसने पंजाब कांग्रेस के  एक प्रदेश अध्यक्ष व चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के फार्मूले को उत्तराखंड में लागू किया। खांटी राजनेता व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को चुनाव कमेटी की कमान सौंपकर पार्टी ने भविष्य की संभावनाओं की ओर भी इशारा किया है।

पंजाब का फार्मूला उत्तराखंड में भी
कांग्रेस ने पंजाब में हर दिग्गज और खेमे को खुश करने का जो फार्मूला आजमाया। यही फॉर्मूला उत्तराखंड कांग्रेस में भी लागू किया गया था। पंजाब की तुलना में छोटे राज्य उत्तराखंड में कांग्रेस ने एक प्रदेश अध्यक्ष और चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाए।

हैवीवेट प्रीतम को भी दी तरजीह
कांग्रेस अध्यक्ष पद से हट चुके प्रीतम सिंह की राय को पार्टी आलाकमान ने तरजीह दी। प्रीतम अपनी पसंद का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने में कामयाब रहे। पार्टी की हर कमेटी में उनकी पसंद का चेहरा शामिल था।

एक साथ सारे समीकरण साधने की कोशिश
खेमे को संतुलित करने के अलावा, पार्टी आलाकमान ने क्षेत्रीय और जातिगत समीकरणों को भी सुलझाने की कोशिश की। पूर्व विधायक गणेश गोदियाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर हरीश रावत को खुश किया गया, वहीं कुमाऊं से भुवन कापड़ी और तिलक राज बेहड़ को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस अध्यक्ष पद से चले गए प्रीतम सिंह को संतुष्ट करने का प्रयास किया गया.

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Ankur Singh is an Indian Journalist, known as the Senior journalist of Hill Live
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