Tuesday, December 6, 2022
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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव : भाजपा और कांग्रेस में दिल्ली से देहरादून तक टिकट की सियासत गर्म

उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के टिकटों को लेकर रविवार को दिल्ली से देहरादून तक सियासी माहौल गरम हो गया। भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने संभावित प्रत्याशियों की सूची आलाकमान को भेज चुके हैं। दिल्ली में रविवार को भाजपा केंद्रीय नेतृत्व और कांग्रेस की बैठकों का दौर देर रात तक जारी था। हालांकि रविवार को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक नहीं हो पाई।

भारतीय जनता पार्टी की कोर ग्रुप की बैठक में तय हुए पैनलों की सूची लेकर मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री रविवार को दिल्ली पहुंच गए। दिल्ली में केंद्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, बीएल संतोष सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक हुई। बताया जा रहा है कि भाजपा में करीब 50 सीटों पर तो प्रत्याशियों को लेकर सहमति बन चुकी है। 20 सीटें ऐसी हैं, जिन पर ऊहापोह की स्थिति है।

लिहाजा, दिल्ली में होने वाली भाजपा की रविवार की बैठक में भी इन्हीं सीटों पर खास फोकस रहा। अब भाजपा केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक 19 जनवरी को होनी है, जिसमें प्रत्याशी तय होने की उम्मीद है। यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि 20 जनवरी तक भाजपा के प्रत्याशियों की पहली सूची जारी हो जाएगी।

कांग्रेस के प्रत्याशियों पर दिल्ली में मंथन शुरू
कांग्रेस ने भी सभी सीटों के लिए पैनल की सूची आलाकमान के पास पहुंचा दी है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस में भी करीब 20 से 22 सीटें ऐसी हैं, जिन पर निर्णय लेने में माथापच्ची करनी पड़ रही है। रविवार को पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होनी थी लेकिन रद्द हो गई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में ही आपस में इन सीटों पर प्रत्याशियों को लेकर चर्चा की है। सोमवार को पार्टी की स्क्र्तीनिंग कमेटी की बैठक होगी, जिसके बाद मंगलवार को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होने की उम्मीद है। बहरहाल, कांग्रेस में भी अभी टिकटों के लिए दो से तीन दिन का इंतजार जारी रहेगा।

पहले आप-पहले आप के चक्कर में बीजेपी-कांग्रेस
चुनाव में प्रत्याशियों की सूची पर बगावत के सुर हावी नजर आ रहे हैं। एक ओर जहां भाजपा से कई विधायकों के टिकट कटने की चर्चा है तो दूसरी ओर कांग्रेस में भी कई सीटों पर दावेदारों को टिकट न मिलने पर बगावत की आशंका है। लिहाजा, दोनों ही दल अपनी पहली सूची जारी करने को लेकर पहले आप-पहले आप की स्थिति में हैं ताकि बगावत को भुनाया जा सके।

दावेदारों की भी दिल्ली दौड़
भाजपा, कांग्रेस के नेताओं के साथ ही कई दावेदार भी दिल्ली रवाना हो चुके हैं। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, उमेश शर्मा काऊ भी दिल्ली में हैं। कांग्रेस के कई दावेदार भी पार्टी मुख्यालय पहुंच चुके हैं।

दिल्ली में पहले केंद्रीय नेताओं के साथ बैठक में पैनल पर चर्चा होगी। इसके बाद केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में प्रत्याशियों के नाम तय होंगे। किसे कहां से प्रत्याशी बनाया जाएगा, यह कहना मुश्किल है।
-मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

हमारी स्क्र्तीनिंग कमेटी की बैठक आज हुई है। सोमवार को दोबारा होगी। इसके बाद मंगलवार को स्क्र्तीनिंग कमेटी अपनी रिपोर्ट केंद्रीय चुनाव समिति को सौंपेगी।
-गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

उत्तराखंड कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा फिलहाल तीन-चार दिन और टल गई है। नेतृत्व ने उत्तराखंड की सभी विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार एक साथ उतारने का फैसला किया है। करीब 50 सीटों पर उम्मीदवारी लगभग तय हो गई है। अभी भी 18 फंसी हुईं सीट जहां दावेदारों के बीच घमासान है और फैसला केंद्रीय नेतृत्व को ही लेना है।

केंद्रीय चुनाव समिति ने रविवार को फिर उत्तराखंड के उम्मीदवारों को लेकर माथापच्ची की। उम्मीद की जा रही थी कि पार्टी करीब 40 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर देगी। राज्य के नेता भी चाह रहे थे कि पहली लिस्ट जारी कर दी जाए। जबकि सीईसी ने सभी 70 नामों की घोषणा एक साथ करने की बात कही है।

पार्टी की ओर से अभी हरीश रावत को भी हरी झंडी नहीं मिली है। विवाद में उलझे किशोर उपाध्याय पर भी नेतृत्व को निर्णय लेना है। सूत्रों के मुताबिक गढ़वाल की आठ और कुमाऊं की दस सीटों पर अभी कांटे की टक्कर है लिहाजा केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ा गया है। वहीं सूची घोषित न किए जाने का एक कारण भाजपा की सूची भी मानी जा रही है ताकि उनके राजनीतिक पत्ते भी पता चल सके।

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