Thursday, September 10, 2026
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गड़ूल सूर्यधार में 150 बीघा अवैध भू-विन्यास पर एमडीडीए का शिकंजा, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने अनाधिकृत भू-विन्यास और बिना स्वीकृति विकास कार्यों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में ग्राम गड़ूल, सूर्यधार, रानीपोखरी, देहरादून में लगभग 150 बीघा भूमि पर बिना तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए किए गए अनाधिकृत भू-विन्यास, सड़क निर्माण एवं सीमांकन के मामले में प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई की है। प्राधिकरण की ओर से संबंधित पक्ष के विरुद्ध उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन के चलते वाद योजित किया गया। प्रकरण में विशाल मनवाल एवं श्री कोठारी द्वारा प्रश्नगत स्थल पर प्राधिकरण से आवश्यक तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए बिना भू-विन्यास संबंधी कार्य किए जाने की शिकायत/प्रकरण सामने आया था। प्राधिकरण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थल का निरीक्षण कराया। निरीक्षण के दौरान स्वीकृति के विपरीत बड़े भू-भाग में भू-विन्यास, सड़क सीमांकन सहित अन्य विकास कार्य किए जाने की स्थिति सामने आई।

प्राधिकरण के अनुसार इससे पहले भी उक्त स्थल पर किए गए अवैध निर्माण एवं विकास कार्यों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। संबंधित अवैध निर्माण को 7 जुलाई 2026 को ध्वस्त किया गया था। इसके बाद कराए गए स्थल निरीक्षण में पाया गया कि लगभग 50 बीघा के अतिरिक्त करीब 150 बीघा भूमि में भी भू-विन्यास संबंधी कार्य किया गया है। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर प्राधिकरण ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अनाधिकृत विकास कार्यों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।

एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के भूमि का भू-विन्यास कर प्लॉटिंग, सड़क निर्माण, सीमांकन अथवा अन्य विकास कार्य किया जाना नियमानुसार अनुमन्य नहीं है। ऐसे मामलों में प्राधिकरण द्वारा दस्तावेजों एवं स्थल की स्थिति का परीक्षण करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की कार्रवाई का उद्देश्य अनियोजित और अनाधिकृत विकास पर प्रभावी अंकुश लगाना तथा देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में नियोजित विकास व्यवस्था को बनाए रखना है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी बिना स्वीकृति भू-विन्यास एवं निर्माण कार्य करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए क्षेत्र में बिना स्वीकृति भू-विन्यास, प्लॉटिंग अथवा निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। गड़ूल सूर्यधार प्रकरण में लगभग 150 बीघा भूमि पर बिना तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए किए गए अनाधिकृत विकास कार्यों के संबंध में स्थल निरीक्षण और अभिलेखों के परीक्षण के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई है। जहां भी नियमों का उल्लंघन कर अनाधिकृत विकास किया जाएगा, वहां प्राधिकरण नियमानुसार सख्त कदम उठाएगा। आमजन से भी अपील है कि भूमि खरीदने से पहले संबंधित भू-विन्यास और मानचित्र की वैधता अवश्य जांचें।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
गड़ूल सूर्यधार में प्रश्नगत स्थल के निरीक्षण के दौरान स्वीकृत तलपट मानचित्र के बिना बड़े भू-भाग में भू-विन्यास, सड़क सीमांकन सहित अन्य अनाधिकृत कार्य किए जाने की स्थिति सामने आई। प्राधिकरण द्वारा पूर्व में भी स्थल पर पाए गए अवैध निर्माण के विरुद्ध 7 जुलाई 2026 को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद किए गए निरीक्षण में लगभग 50 बीघा के अतिरिक्त करीब 150 बीघा भूमि पर भू-विन्यास संबंधी कार्य पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई

Ankur Singh
Ankur Singhhttps://hilllive.in
Ankur Singh is an Indian Journalist, known as the Senior journalist of Hill Live
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