Saturday, September 19, 2026
spot_img
spot_img
Homeउत्तराखंडएसजीआरआर विश्वविद्यालय में यूथ कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन युवाओं से अतीत से...

एसजीआरआर विश्वविद्यालय में यूथ कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन युवाओं से अतीत से जुड़ने का आह्वान, इनोवेशन और स्किल्स पर ध्यान देने को कहा

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय एवं अभ्युदय भारत राइजिंग फोरम के संयुक्त तत्वावधान में श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में यूथ कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को देश के गौरवशाली अतीत और संस्कारों से जोड़ते हुए उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई। कार्यक्रम की सफलता के लिए विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं को अपने अतीत और संस्कृति से जोड़ना बेहद जरूरी है। संस्कार और ज्ञान के आधार पर ही नए और समृद्ध भारत का निर्माण संभव है।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिपिन चंद्र घिल्डियाल ने विश्वविद्यालय और श्री गुरु राम राय एजुकेशन मिशन के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करते हुए कहा कि हमारे लिए श्री गुरु राम राय एजुकेशन मिशन से जुड़ना गौरव की बात है। 350 वर्षों का गौरवशाली इतिहास हमें गर्व से भरता है। उन्होंने कहा कि श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज ने वर्ष 1952 में श्री गुरु राम राय एजुकेशन मिशन की नींव रखी और उत्तर भारत में 100 से अधिक स्कूलों की स्थापना की, जो आज भी समाज की आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहे हैं उन्होंने कहा कि युवाओं का अपनी जड़ों से जुड़ना बेहद जरूरी है। जड़ें जीवन देती हैं और सपने पंख। विकास के लिए दोनों का साथ जरूरी है। युवाओं को अपनी संस्कृति, इतिहास और मूल्यों से जुड़े रहने की आवश्यकता है।
मुख्य वक्ता अभ्युदय भारत के प्रचारक तपन जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा शिक्षा पद्धति अधिकतम अंक हासिल करने पर जोर देती है, जबकि जीवन में सफलता के लिए केवल अंक ही पर्याप्त नहीं हैं। आज जरूरत युवाओं को स्किल्स पर ध्यान केंद्रित करने की है। यदि युवा कौशल विकास पर ध्यान नहीं देंगे तो वे समाज की ताकत बनने के बजाय जिम्मेदारी बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इतिहास का अध्ययन करने पर पता चलता है कि भारत पर अत्याचार और शोषण करने वालों में अपने लोग भी शामिल रहे हैं। भारत के निर्माण के लिए भारत को समझना जरूरी है। विकास के लिए केवल भवन और भौतिक संसाधन ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि कृतज्ञता, त्याग और जिम्मेदारी की भावना भी जरूरी है।
विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) कुमुद सेठी ने कहा कि मौजूदा दौर में आत्मरक्षा और देश की सुरक्षा के लिए शोध एवं आधुनिक तकनीक पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करने और तकनीकी क्षेत्र में नवाचार करने की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए।
इस अवसर पर आए अतिथियों को कुलपति डॉ. बिपिन चंद्र घिल्डियाल एवं रजिस्ट्रार प्रो. लोकेश गंभीर की ओर से शॉल एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।
मौके पर स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की डीन प्रो. सोनिका कंडारी, धनंजय जी, सौरभ, पारस सहित विश्वविद्यालय के अध्यापक, नॉन-टीचिंग स्टाफ एवं विद्यार्थी मौजूद रहे

Ankur Singh
Ankur Singhhttps://hilllive.in
Ankur Singh is an Indian Journalist, known as the Senior journalist of Hill Live
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular