कामनवेल्थ डर्बन साउथ अफ्रीका के गोल्ड मैडलिस्ट विजेता हैं हर्ष व्यास
देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कराटे चैम्पियन हर्ष व्यास अब स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होने वाली कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हर्ष अब ग्लासगो, स्काॅटलैंड के मैट पर अपनी स्पीड, तकनीक, फिटनेस और फाइटिंग स्किल्स का प्रदर्शन करते नजर आएंगे। हर्ष व्यास ने शुक्रवार को श्री दरबार साहिब में माथा टेका और दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के पूजनीय श्रीमहंत एवम श्री गुरु राम राय यूनिवर्सिटी के माननीय प्रेसिडेंट श्रीमहंत
देवेन्द्र दास जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। एस. जी.आर.आर. यूनिवर्सिटी के माननीय प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने हर्ष को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और आगामी प्रतियोगिता में सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
हर्ष व्यास वर्ष 2024 में डर्बन, साउथ अफ्रीका में आयोजित कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता के सीनियर कुमिते वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुके हैं। इसके बाद से वह लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न कराटे प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर कई पदक अपने नाम कर चुके हैं। उनके प्रदर्शन में लगातार निखार आया है और अब उनका लक्ष्य ग्लासगो में देश के लिए शानदार प्रदर्शन करना है।
इस वर्ष नवंबर में स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होने वाली कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता में 34 देशों के खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। इस बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना हर्ष के लिए गौरव का क्षण है। इसके लिए वह लंबे समय से नियमित ट्रेनिंग, फिटनेस अभ्यास, तकनीकी तैयारी और मैच प्रैक्टिस पर विशेष फोकस कर रहे हैं।
देहरादून निवासी हर्ष व्यास ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि खेल में सफलता किसी एक दिन की मेहनत का परिणाम नहीं होती। लक्ष्य को हासिल करने के लितियोगिता के दौरान खिलाड़ी को हर पल अपनी रणनीति, टाइमिंग और तकनीक पर फोकस रखना होता है। हार और जीत खेल का हिस्सा हैं, लेकिन हर मुकाबला खिलाड़ी को कुछ नया सीखने और खुद को बेहतर बनाने का अवसर देता है।
हर्ष ने बताया कि वह एक मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। उनके पिता व्यवसाय करते हैं, जबकि माता गृहणी हैं और छोटा भाई अध्ययनरत है। उन्होंने कहा कि परिवार का निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन उन्हें खेल के मैदान में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करता है। हर्ष ने कहा कि उनका सपना देश के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेहतर प्रदर्शन करना और पदक जीतना है। हर्ष का कहना है कि अब उनका पूरा फोकस ग्लासगो की प्रतियोगिता पर है



