Sunday, October 11, 2026
spot_img
spot_img
Homeउत्तराखंडश्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में विश्व मानसिक स्वास्थ्य पर चलाया जनजागरूकता अभियान

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में विश्व मानसिक स्वास्थ्य पर चलाया जनजागरूकता अभियान

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल देहरादून की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जनजागरूकता अभियान चलाया गया। जागरूकता अभियान के माध्यम से आम जनमानस में जन-जागरूकता बढ़ाने और मानसिक बीमारियों से जुड़ी भ्रांतियों एवं सामाजिक भेदभाव को दूर करने के उद्देश्य से 10 अक्टूबर 2026 को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर नुक्कड़ नाटक, कविता, पोस्टर और विचारों की दीवार के माध्यम से संदेश लिखा। इस वर्ष की थीम “अनुभवों को समझें, आवाजों को सुनें वास्तविक अनुभव, वास्तविक चुनौतियाँ” के अनुरूप कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े वास्तविक अनुभवों को साझा करने, लोगों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनने और समय पर उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया शनिवार को कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज़ एवम् श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. नील कमल कुमार, मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. शोभित गर्ग, डॉ. संजीवनी तथा स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. अंजलि चैधरी ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. नील कमल कुमार ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य कोई विलासिता नहीं, बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता है। मानसिक स्वास्थ्य के बिना संपूर्ण स्वास्थ्य की कल्पना नहीं की जा सकती। एक चिकित्सक के रूप में हमारी जिम्मेदारी केवल बीमारी का उपचार करना ही नहीं, बल्कि मरीज को एक संपूर्ण इंसान के रूप में समझना भी है, क्योंकि प्रत्येक मरीज के पीछे एक ऐसा व्यक्ति होता है, जो सम्मान, गरिमा और संवेदनशीलता का हकदार है। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में हम एक ऐसा वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहां कोई भी व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर बात करने में शर्म या संकोच महसूस न करे और न ही किसी को अपनी पीड़ा चुपचाप सहनी पड़े। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक व्यक्ति को संवेदनशीलता, सहानुभूति, सहयोग और आशा का अनुभव हो।
मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को छिपाने या अनदेखा करने के बजाय समय रहते पहचानना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सहायता लेना चाहिए।
डॉ. शोभित गर्ग ने मनोचिकित्सा विभाग की भूमिका और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ रही है, लेकिन इस दिशा में अभी और प्रयास किए जाने की आवश्यकता है कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण जागरूकता नुक्कड़ नाटक रहा, जिसके माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं, सामाजिक पूर्वाग्रहों और समय पर सहायता लेने के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया एमबीबीएस छात्र-छात्रा ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कविता के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य, मानवीय संवेदनाओं और लोगों की अनकही पीड़ा को अभिव्यक्ति दी गई। इसके साथ ही पोस्टर निर्माण और जागरूकता संबंधी गतिविधियों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण संदेश आम लोगों तक पहुँचाए गए कार्यक्रम की एक विशेष पहल ‘विचारों की दीवार’ रही, जहाँ चिकित्सकों, विद्यार्थियों, अस्पताल कर्मचारियों और मरीजों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अपने विचार, अनुभव, भावनाएँ एवं संदेश साझा किए। इस गतिविधि में मरीजों ने भी आगे आकर अपने अनुभव व्यक्त किए। कार्यक्रम में अस्पताल के चिकित्सकों, एमबीबीएस विद्यार्थियों, स्नातकोत्तर चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, उपचाररत मरीजों और अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया

Ankur Singh
Ankur Singhhttps://hilllive.in
Ankur Singh is an Indian Journalist, known as the Senior journalist of Hill Live
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular