Monday, March 16, 2026
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धामी सरकार की बड़ी पहल, खाद्य तेल के ‘री-यूज़’ पर कड़ी निगरानी, स्वास्थ्य सचिव डॉ. राजेश कुमार के नेतृत्व में RUCO मिशन नई ऊंचाई पर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशों व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में FDA आम जनता को स्वास्थ्य वर्धक व सुरक्षित भोजन मुहैया कराने को लेकर लगातार प्रयासरत है। फूड डिलीवरी एप्स और रेडी-टू-ईट संस्कृति के इस दौर में घर में बना ताज़ा भोजन एक विकल्प से अधिक आदत और जिम्मेदारी दोनों है। लेकिन बदलती लाइफस्टाइल के चलते बड़ी आबादी बाजार के खाने पर निर्भर होती जा रही है। खासकर युवा पीढ़ी में बाहर के खाने का चलन तेज़ी से बढ़ा है, जिसका दुष्प्रभाव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में एक बार इस्तेमाल हो चुके खाद्य तेल को पुनः पकाने में उपयोग करने की प्रवृत्ति आम होती जा रही है। शोध बताते हैं कि बार-बार गर्म किए गए तेल में हानिकारक रसायन बनते हैं, जो हृदय रोग, कैंसर और उच्च ट्रांस फैट जैसी स्थितियों का खतरा कई गुना बढ़ाते हैं। इस गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने वर्ष 2018 में देशव्यापी RUCO (Repurpose Used Cooking Oil) मिशन की शुरुआत की। इसका उद्देश्य प्रयोग किए गए तेल को खाद्य श्रृंखला में वापस जाने से रोकना तथा उसे बायोफ्यूल जैसे गैर-खाद्य उपयोगों में परिवर्तित करना है।

RUCO मिशन की ज़रूरत और उत्तराखंड की सफलता
अपर आयुक्त एफडीए ताजबर सिंह जग्गी के अनुसार तेल को दुबारा गर्म करने पर उसमें एल्डिहाइड्स और अन्य जहरीले यौगिक तेजी से बनते हैं। इन रसायनों से शरीर की कोशिकाएं नष्ट होती हैं और कैंसर सहित कई बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा यह ट्रांस फैट की मात्रा में भी तीव्र वृद्धि करता है, जो हार्ट अटैक और हाई ब्लड प्रेशर का एक बड़ा कारण है। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) की 2022 की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि शहरी भारत में लगभग 60 प्रतिशत खाना पकाने वाला तेल एक बार उपयोग होने के बाद भी दोबारा बिक्री या पुनः उपयोग के माध्यम से खाद्य श्रृंखला में वापस आ जाता है। यह आंकड़ा स्वास्थ्य संकट की गंभीर चेतावनी है।

अपर आयुक्त एफडीए ताजबर सिंह जग्गी के अनुसार 2018 की राष्ट्रीय बायोफ्यूल नीति इस समस्या से निपटने के लिए इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल को बायोडीज़ल में बदलने को प्रोत्साहित करती है। RUCO इसी नीति के अंतर्गत एक मजबूत आपूर्ति तंत्र तैयार कर रहा है। उत्तराखंड ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अपने आप को मॉडल राज्य के रूप में स्थापित किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त एफडीए डॉ. आर. राजेश कुमार के नेतृत्व में राज्य ने इसे मिशन मोड में लागू किया। इस दौरान फूड बिजनेस ऑपरेटरों, एफडीए अधिकारियों, एग्रीगेटर, रीसायकलर, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों, छात्र समूहों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए गए। कैफे टॉक्स, कार्यशालाएं, प्रशिक्षण सत्र और मीडिया संवादों ने इस अभियान को सामाजिक आंदोलन का स्वरूप दिया।

अपर आयुक्त एफडीए ताजबर सिंह जग्गी के अनुसार 2019 में शुरू हुए RUCO मॉडल में जहां पहले चरण में महज 600 लीटर इस्तेमाल किया गया तेल एकत्र हुआ था, वहीं पांच वर्षों में यह संख्या बढ़कर 1,06,414 किलो तक पहुंच गई। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड ने इस मिशन को न सिर्फ अपनाया बल्कि इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू भी किया। 2025 की चारधाम यात्रा को भी इसी थीम पर आयोजित किया गया। यात्रा मार्ग पर खाद्य तेल के पुनः उपयोग को रोकने के लिए खाद्य कारोबारियों को प्रशिक्षित किया गया, जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए और इसमें कुल 1,200 किलो इस्तेमाल किया गया तेल एकत्र कर इसे बायोफ्यूल में परिवर्तित किया गया। इस पूरी पहल ने न सिर्फ स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।इस अभियान की सफलता का श्रेय सरकारी तंत्र के साथ-साथ खाद्य कारोबारियों और आम जनता की सक्रिय भागीदारी को भी जाता है। उत्तराखंड खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन आगामी वर्षों में इस मुहिम को और तीव्र गति से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। यह दून मॉडल ईट राइट इंडिया और RUCO पहल के तहत विकसित एक अभिनव प्रणाली है, जिसकी सराहना FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने भी की। राज्य FDA अब इसे गढ़वाल और कुमाऊँ में चरणबद्ध तरीके से लागू करने जा रहा है। मॉडल का लक्ष्य खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और उपयोग किए गए खाना पकाने के तेल के सुरक्षित पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना है।

इस प्रभावी पहल को आगे बढ़ाने में उप आयुक्त एवं नोडल अधिकारी (Eat Right India – RUCO Initiative) गणेश कंडवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिनके नेतृत्व में यह मॉडल उत्तराखंड के लिए एक मिसाल बन रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान
राज्य सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी स्थिति में जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस्तेमाल किए गए तेल का दोबारा उपयोग रोकने का अभियान केवल नियम लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की सेहत बचाने का संकल्प है। उत्तराखंड ने RUCO को न सिर्फ सफल बनाया है, बल्कि इसे सामाजिक जागरूकता की मुहिम में बदलकर देश के सामने एक नया मानक स्थापित किया है। हम इस अभियान को और व्यापक रूप में आगे बढ़ाएंगे, ताकि स्वस्थ उत्तराखंड का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सके।

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त FDA डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में RUCO मिशन को उत्तराखंड में मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि एक बार इस्तेमाल होने वाला खाद्य तेल किसी भी हालत में खाद्य श्रृंखला में वापस न जाए। इसके लिए फूड बिजनेस ऑपरेटरों, होटलों, रेस्टोरेंट्स, ढाबों और सभी खाद्य कारोबारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। आम जनता भी अब इस मुद्दे के प्रति अधिक संवेदनशील हो रही है। अगले चरण में हम तकनीकी निगरानी, बड़े पैमाने पर संग्रहण तंत्र और बायोफ्यूल निर्माण क्षमता को और मजबूत करेंगे। यह मुहिम केवल स्वास्थ्य सुरक्षा ही नहीं, पर्यावरण संरक्षण का भी महत्वपूर्ण कदम है

Ankur Singh
Ankur Singhhttps://hilllive.in
Ankur Singh is an Indian Journalist, known as the Senior journalist of Hill Live
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