Friday, May 15, 2026
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मुख्यमंत्री धामी का श्रमिकों को भरोसा, न्यूनतम वेतन पूरी तरह सुरक्षित, अफवाहों से बचने की अपील

  • श्रम विभाग बोला- श्रमिकों के अधिकारों पर नहीं आने देंगे आंच

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के बाद उत्तराखंड श्रम विभाग ने न्यूनतम वेतन को लेकर प्रदेशभर में फैल रही भ्रामक सूचनाओं पर बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने साफ कहा है कि श्रमिकों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और प्रदेश में लागू न्यूनतम वेतन पूरी तरह सुरक्षित है।

श्रम आयुक्त पी.सी. डुम्का की ओर से जारी बयान में कहा गया कि श्रम विभाग और राज्य सरकार श्रमिक भाइयों की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील हैं। विभाग लगातार श्रमिक हितों की निगरानी कर रहा है और उद्योगों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम, बोनस और अन्य श्रम प्रावधानों का पूरी गंभीरता से पालन किया जाए।

श्रम विभाग ने स्पष्ट किया कि अप्रैल माह में इंजीनियरिंग उद्योगों के लिए न्यूनतम वेतन घोषित किया जा चुका है, जबकि नॉन इंजीनियरिंग उद्योगों के लिए वी.डी.ए. भी लागू कर दिया गया है। इसके अनुसार उद्योगों को वेतन और एरियर भुगतान के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

पड़ोसी राज्यों से बेहतर है उत्तराखंड का न्यूनतम वेतन

श्रम विभाग की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया कि उत्तराखंड में लागू न्यूनतम वेतन कई पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक है। विभाग ने कहा कि राज्य सरकार समय-समय पर श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए वेतन दरों की समीक्षा करती रहती है। श्रम विभाग ने यह भी साफ किया कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन सीधे राज्य के निजी उद्योगों पर लागू नहीं होता। केंद्रीय उपक्रमों जैसे बीएचईएल और बीईजी में लागू 781 रुपये प्रतिदिन की दर केवल केंद्रीय संस्थानों के लिए है, जबकि राज्य सरकार अपने अधिकार क्षेत्र के उद्योगों के लिए अलग से न्यूनतम वेतन निर्धारित करती है।

श्रम विभाग अफवाहों से बचने की अपील

श्रम विभाग ने कहा कि पिछले 15 दिनों से विभाग लगातार श्रमिकों की समस्याओं के समाधान में जुटा हुआ है। इसी कारण श्रम कानूनों के अनुपालन और अनुश्रवण में तेजी लाई गई है। श्रम विभाग ने श्रमिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक प्रचार से बचें और औद्योगिक शांति बनाए रखने में सहयोग करें। विभाग ने कहा कि उद्योग और श्रमिक एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों के सहयोग से ही प्रदेश की औद्योगिक व्यवस्था मजबूत हो सकती है।

24 घंटे कंट्रोल रूम बनाया गया

श्रम आयुक्त कार्यालय हल्द्वानी में 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। श्रमिक अपनी शिकायतें हेल्पलाइन नंबर 05946-282805 पर दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा सभी जिलों के सहायक श्रम आयुक्तों के हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं ताकि श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
श्रम विभाग ने दोहराया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी श्रमिक के हितों पर आंच नहीं आने दी जाएगी।

Ankur Singh
Ankur Singhhttps://hilllive.in
Ankur Singh is an Indian Journalist, known as the Senior journalist of Hill Live
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