Wednesday, March 4, 2026
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देहरादून को फिर से मिलेगी हरियाली और सांस्कृतिक पहचान

देहरादून: देहरादून की पहचान केवल उसकी शांत वादियों और सुहावने मौसम से नहीं, बल्कि उसकी नैसर्गिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शहर की खोती जा रही हरियाली और पारंपरिक स्वरूप को पुनः संवारने की दिशा में ठोस और दूरदर्शी कदम उठाए हैं। यह पहल न केवल ‘सुंदर दून – स्वच्छ दून’ के सपने को साकार करने की दिशा में है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य देने का संकल्प भी है।

शहर के हरे स्वरूप को लौटाने की मुहिम

एमडीडीए उपाध्यक्ष  बंशीधर तिवारी ने कहा एमडीडीए द्वारा देहरादून शहर में कई स्थलों पर नए सार्वजनिक पार्कों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें स्थानीय प्रजातियों के छायादार, फलदार और औषधीय वृक्षों का रोपण प्रमुखता से किया जा रहा है। यह काम केवल हरियाली बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर की जीवनशैली में प्रकृति को पुनः जोड़ने का प्रयास भी है। सहस्त्रधारा रोड, जौलीग्रांट मुख्य मार्ग, शिमला बायपास रोड, हरिद्वार बायपास रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर सड़क किनारे और डिवाइडरों में सुंदर, सुव्यवस्थित वृक्षारोपण किया गया है। यह न केवल शहर को हरा-भरा बनाएगा, बल्कि वायु गुणवत्ता सुधारने, तापमान नियंत्रण और ध्वनि प्रदूषण को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

साझेदारी से होगा हरियाली का विस्तार

प्राधिकरण ने यह सुनिश्चित किया है कि इस अभियान में केवल सरकारी स्तर पर कार्य न हो, बल्कि आम नागरिक, सामाजिक संस्थाएं, विद्यालय, महाविद्यालय, और स्थानीय निकाय भी सक्रिय रूप से भाग लें। इसी उद्देश्य से हजारों की संख्या में पौधे इन संस्थानों और नागरिकों को वितरित किए गए हैं। एमडीडीए इस वर्ष लगभग 60 से 70 हजार पौधों के रोपण एवं वितरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य लेकर चल रहा है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक सामूहिक संकल्प है—देहरादून को फिर से एक हरित नगरी के रूप में स्थापित करने का।

देहरादून हमारी सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विरासत

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा देहरादून केवल एक शहर नहीं, हमारी सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विरासत है। हम सबका कर्तव्य है कि इसे संजोकर रखें। एमडीडीए की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय है, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सुंदर उत्तराखंड का मार्ग प्रशस्त करती है। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि वे इस जन आंदोलन का हिस्सा बनें और इसे सफल बनाएं।

फिर से एक ‘हरित दून’

एमडीडीए उपाध्यक्ष  बंशीधर तिवारी ने अभियान की प्रगति पर जानकारी देते हुए कहा हम देहरादून को फिर से एक ‘हरित दून’ के रूप में देखना चाहते हैं। वृक्षारोपण केवल एक पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक कर्तव्य भी है। इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से एक आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है, जिसमें हर उम्र और वर्ग के लोग शामिल हो रहे हैं। हमारा प्रयास है कि निर्धारित लक्ष्य को पार कर इसे एक स्थायी परंपरा में बदला जाए।

एमडीडीए उपाध्यक्ष  बंशीधर तिवारी ने कहा एमडीडीए सभी नागरिकों से अनुरोध करता है कि इस मुहिम का सक्रिय हिस्सा बनें। एक पौधा लगाने से न केवल पर्यावरण को बल मिलता है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को एक सशक्त संदेश भी देता है कि हम प्रकृति और अपनी जड़ों के प्रति सजग और जिम्मेदार हैं। आइए, हम सब मिलकर देहरादून को फिर से हरा-भरा, स्वच्छ और सुंदर बनाएं। – ‘हरित दून’, सुंदर दून, स्वच्छ दून –

Ankur Singh
Ankur Singhhttps://hilllive.in
Ankur Singh is an Indian Journalist, known as the Senior journalist of Hill Live
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