Thursday, April 9, 2026
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धामी सरकार की पहल, ऐतिहासिक किपलिंग ट्रैक का होगा कायाकल्प, मसूरी को मिलेगा नया शांत पर्यटन मार्ग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में राज्य में पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में देहरादून से मसूरी को जोड़ने वाले ऐतिहासिक किपलिंग ट्रैक के पुनरोद्धार की महत्वाकांक्षी योजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा लगभग 498.14 लाख रुपये की लागत से 3.50 किलोमीटर लंबे इस ऐतिहासिक ट्रैक का व्यापक विकास किया जा रहा है यह ट्रैक शहनसाही आश्रम से झड़ीपानी तक फैला हुआ है और प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण तथा पहाड़ी दृश्यों के कारण लंबे समय से पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। आधुनिक सड़क मार्गों पर बढ़ती भीड़ और वाहनों के शोर के बीच यह ट्रैक एक ऐसे वैकल्पिक पर्यटन मार्ग के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां पर्यटक प्रकृति के करीब शांत और सुकून भरा अनुभव प्राप्त कर सकेंगे

राज्य सरकार की मंशा है कि मसूरी क्षेत्र में पर्यटन को केवल सड़क आधारित यात्रा तक सीमित न रखकर प्रकृति आधारित पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जाए। इसी सोच के साथ किपलिंग ट्रैक के संरक्षण और विकास की योजना तैयार की गई है, ताकि आने वाले समय में यह मार्ग पर्यटकों के लिए एक अनूठा और आकर्षक अनुभव बन सके

प्राकृतिक सौंदर्य के बीच विकसित होगा ट्रैक

एमडीडीए द्वारा इस परियोजना के अंतर्गत ट्रैक के संरक्षण, मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कई स्थानों पर रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जाएगा, जिससे ट्रैक सुरक्षित और टिकाऊ बन सके। साथ ही ट्रैक के किनारों पर मजबूत रेलिंग लगाई जाएंगी, ताकि पर्यटक सुरक्षित रूप से इस मार्ग पर भ्रमण कर सकें। इस मार्ग को पैदल यात्रियों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के लिए रास्ते को समतल और व्यवस्थित भी किया जाएगा।

पर्यटकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

किपलिंग ट्रैक के विकास में केवल संरचनात्मक कार्य ही नहीं बल्कि पर्यटकों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। परियोजना के अंतर्गत ट्रैक के विभिन्न स्थानों पर विश्राम स्थल विकसित किए जाएंगे, जहां आकर्षक गज़ीबो (Gazebo) बनाए जाएंगे। इन स्थानों पर बैठकर पर्यटक आसपास के पर्वतीय दृश्यों, हरियाली और प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकेंगे। इसके अतिरिक्त ट्रैक पर सेल्फी प्वाइंट, कैंटीन कियोस्क, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, शौचालय, कूड़ेदान और आधुनिक लैंप पोस्ट जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इन व्यवस्थाओं से न केवल पर्यटकों को सुविधा मिलेगी बल्कि ट्रैक को एक सुव्यवस्थित और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान भी मिलेगी।

पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर

इस परियोजना की खास बात यह है कि इसके विकास में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को प्राथमिकता दी जा रही है। ट्रैक के आसपास व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता और अधिक बढ़ेगी।
इसके अलावा पक्षियों के संरक्षण के लिए बर्ड हाउस भी बनाए जाएंगे, जिससे इस क्षेत्र में पक्षियों की उपस्थिति बढ़ेगी और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी।
सरकार का उद्देश्य है कि पर्यटन विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन भी कायम रहे और आने वाली पीढ़ियों के लिए यह प्राकृतिक धरोहर सुरक्षित रह सके।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

किपलिंग ट्रैक के विकास से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय व्यापारियों, गाइड्स, होमस्टे संचालकों और छोटे व्यवसायों को सीधा लाभ मिलेगा। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। स्थानीय युवाओं को पर्यटन से जुड़े कार्यों में रोजगार मिलने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार की यह पहल सतत पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

प्रकृति के बीच नया अनुभव देगा किपलिंग ट्रैक : बंशीधर तिवारी

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि किपलिंग ट्रैक का पुनरोद्धार राज्य के पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में प्रदेश में ऐसे पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है, जो प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर पर्यटकों को अलग अनुभव प्रदान करें। उन्होंने बताया कि देहरादून से मसूरी जाने वाले पारंपरिक सड़क मार्गों पर अक्सर भीड़भाड़ रहती है, जिससे पर्यटकों को शोर और ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। किपलिंग ट्रैक के विकसित होने से पर्यटकों को एक वैकल्पिक और शांत मार्ग मिलेगा, जहां वे पैदल चलते हुए प्रकृति की गोद में समय बिता सकेंगे। बंशीधर तिवारी ने कहा कि इस ट्रैक पर विकसित की जा रही सुविधाएं इसे एक सुरक्षित, आकर्षक और व्यवस्थित पर्यटन मार्ग के रूप में स्थापित करेंगी। यहां आने वाले पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य, पर्वतीय दृश्यों और शांत वातावरण का आनंद लेते हुए एक अलग अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद यह ट्रैक न केवल पर्यटकों बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी एक बेहतर मनोरंजन और प्रकृति से जुड़ने का स्थान बन जाएगा।

प्रकृति के अनुकूल तैयार हो रही परियोजना : मोहन सिंह बर्निया

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि किपलिंग ट्रैक के विकास की पूरी योजना प्रकृति के अनुकूल डिजाइन की गई है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि क्षेत्र की प्राकृतिक संरचना और जैव विविधता पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उन्होंने बताया कि ट्रैक के आसपास वृक्षारोपण, बर्ड हाउस और स्वच्छता व्यवस्था जैसी पहलें इस परियोजना को एक पर्यावरण अनुकूल पर्यटन मॉडल बनाएंगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी मजबूत होगा

Ankur Singh
Ankur Singhhttps://hilllive.in
Ankur Singh is an Indian Journalist, known as the Senior journalist of Hill Live
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