Sunday, October 18, 2026
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ग्लोबल इन्वेस्टर समिट पर भ्रामक खबरों को सचिव उद्योग विनय शंकर पांडे ने किया खारिज; ₹1.01 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग, ₹24 हजार करोड़ के नए निवेश की तैयारी

  • ग्लोबल इन्वेस्टर समिट पर भ्रामक खबरों को सचिव उद्योग विनय शंकर पांडे ने किया खारिज
  • ₹1.01 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग, ₹24 हजार करोड़ के नए निवेश की तैयारी
  • छोटे उद्यमियों के निवेश पर सवाल उठाना उनके परिश्रम और रोजगार सृजन का अपमान: विनय शंकर पांडे

देहरादून। उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों और निवेश के आंकड़ों पर उठाए जा रहे सवालों को सचिव उद्योग एवं सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पांडे ने खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में अब तक ₹1.01 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। निवेश से संबंधित आंकड़े सार्वजनिक हैं और परियोजनाओं का पूरा विवरण उद्योग विभाग, यूके स्पाइस तथा सिंगल विंडो सिस्टम के पोर्टल पर उपलब्ध है।

विनय शंकर पांडे ने कहा कि तथ्यों की पूरी जानकारी के बिना निवेश को लेकर भ्रामक धारणा बनाना उचित नहीं है। सरकार ने निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान लगभग ₹3.56 लाख करोड़ के निवेश समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए थे। इन प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के लिए समय-समय पर ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की गईं।

भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप तैयार की गई औद्योगिक नीति

सचिव उद्योग ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां दूसरे राज्यों से अलग हैं। राज्य का लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है। ऐसे में भारी उद्योगों की स्थापना की संभावनाएं मुख्य रूप से देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के कुछ हिस्सों में अधिक हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप सरकार ऐसी औद्योगिक नीतियों पर काम कर रही है, जिनसे पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखते हुए रोजगार के अधिक अवसर पैदा किए जा सकें।

उन्होंने बताया कि निवेशकों को परियोजनाएं स्थापित करने में सहायता देने के लिए निवेश मित्रों की व्यवस्था की गई है। ये निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखते हैं और सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान में मदद करते हैं।

छोटे कारोबारियों के निवेश पर सवाल उठाना उचित नहीं

स्थानीय उद्यमियों और छोटे कारोबारियों के निवेश पर की जा रही टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए विनय शंकर पांडे ने कहा कि निवेश का महत्व केवल उसकी राशि से नहीं, बल्कि उससे पैदा होने वाले रोजगार और आजीविका के अवसरों से भी तय होता है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई से 10 हजार रुपये लगाकर आटा चक्की, मोबाइल की दुकान या कोई छोटा व्यवसाय शुरू करता है और उससे दो लोगों को रोजगार मिलता है, तो यह भी राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे उद्यमों के निवेश पर सवाल उठाना उनके परिश्रम और आत्मनिर्भर बनने की भावना का अपमान है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट निर्देश है कि राज्य में बड़े उद्योगपतियों से लेकर छोटे कारोबारियों तक सभी को समान सम्मान मिले। सरकार स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और उनके लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

निवेश के आंकड़े सार्वजनिक, पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी

विनय शंकर पांडे ने कहा कि निवेश से संबंधित परियोजनाओं, संबंधित विभागों और उनके स्थान सहित आवश्यक विवरण सरकारी पोर्टलों पर उपलब्ध हैं। करीब आठ महीने पहले भी सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर सवाल उठाए गए थे, जिनका तथ्यों के साथ जवाब दिया गया था। सरकार ने सदन में भी समय-समय पर निवेश की स्थिति स्पष्ट की है।

उन्होंने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए विदेशों के साथ-साथ देश के प्रमुख महानगरों में रोड शो आयोजित किए गए थे। इसके अलावा गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों सहित प्रदेश के सभी जनपदों में निवेश सम्मेलन आयोजित कर स्थानीय उद्यमियों और छोटे कारोबारियों को भी आमंत्रित किया गया।

₹24 हजार करोड़ के निवेश की अगली ग्राउंडिंग जल्द

सचिव उद्योग ने बताया कि राज्य में लगभग ₹24 हजार करोड़ के अतिरिक्त निवेश की ग्राउंडिंग की तैयारी चल रही है। इससे संबंधित विवरण भी सिंगल विंडो सिस्टम पर उपलब्ध कराया गया है। जल्द ही चौथी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जाएगी।

उन्होंने मीडिया और संबंधित लोगों से अपील की कि वे परियोजनाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण करें, उद्यमियों से संवाद करें और धरातल पर हुए कार्यों का आकलन तथ्यों के आधार पर करें।

विनय शंकर पांडे ने कहा कि उत्तराखंड में निवेश बढ़ाना, निवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, उद्यमियों को सहयोग देना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार की प्राथमिकता है। निवेश से जुड़े किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सार्वजनिक आंकड़ों और परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति का आकलन किया जाना चाहिए।

Ankur Singh
Ankur Singhhttps://hilllive.in
Ankur Singh is an Indian Journalist, known as the Senior journalist of Hill Live
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