आज प्रदेश मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने नीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला, उन्होंने कहा कि हमारे आने वाली पीढ़ी का भविष्य अंधकार में डालने का काम कर रही है सरकार, पहले तो ये समझना होगा की एनटीए क्या है ये कोई सरकारी एजेंसी नहीं है ये सिर्फ एक एनजीओ है सरकार के द्वारा बनायी गई टेस्टिंग एजेंसी नहीं है,ये २०१७ में मोदी सरकार ने बनायी थी बड़ी बड़ी बातें की थी मोदी सरकार ने पर अबकी बार पेपर लीक सरकार मिली है जनता को,२०१४ के बाद से केंद्र और राज्य सरकारों में लगभग ८९ पेपर्स लीक हुए हैं,जिसमे से लगभग ५८ पेपर दुबारा से करवाए गए, महत्वपूर्ण प्रश्न ये है की किसने बनायी ये एनटीए, ये एनटीए भाजपा और आरएसएस के कुछ लोगों ने मिलकर बनायी और अपने चहेते लोगों को उसमे रख लिए, जब ये एजेंसी २०१७ में बनी तभी इस पर कई सवाल खड़े काइट गए २०१७ से पहले ये एग्जाम सीबीएसई कराया करती थी पर इन लोगो ने जो व्यापम घोटाले वाले हैं जिसमे ६० से ज़्यादा जाने चली गई थी मध्य प्रदेश का घोटाला तो ये व्यापम पार्ट २ चल रहा है,२०१५ से २०१७ तक इन्होंने देखा की इस तरीक़े से तो हम बैक एंट्री से इन्हें नहीं ले पाएंगे तब जाकर ये षड्यंत्र रचा गया,२०१७ में एसएससी का पहल पेपर लीक हुआ ठंड में एसएससी के बाहर बच्चे बैठे थे, फिर एनटीए बनी और इसने १४ पेपर कंडक्ट कराए जिसमे ६ पेपर लीक हुए जो रिपोर्टेड है सामने आए, अब समझना ये है कि एनटीए को किसने पॉवर दी इतने बड़े बड़े एवं आयोजित करने की क्या इन्हें एमएचआरडी ने पॉवर दी केंद्र की सरकार ने पॉवर दी किसने पॉवर दी आज तक देश को नहीं पता, २१ में नीट कनपटी आउट २४ में आउट, २६ में आउट और जो लोग सम्मिलित है वो मुख्यतः भाजपा के नेता है जिनका पूरा परिवार पिछले साल सेलेक्ट हुआ है तो तथ्य ये सामने आ रहा है की पिछले साल भी पेपर लीक हुआ है,नीट जैसा एग्जाम जिसमे २४ से ३० लाख बच्चे परीक्षा देते हैं माता पिता पैसे लगाते हैं, इस बार भी ये पेपर पिछले १५ दिनों से वॉट्स ऐप ग्रुप पर सर्कुलेट हो रहा था कई लोगों ने शिकायत की पर कोई कार्यवाही नहीं हुआ पेपर ३ को हुआ और चार दिन लग गए सच सामने आने में और एनटीए को एक्शन लेने में जबसे एनटीए का गठन हुआ है तबसे ये एजेंसी संदेह के घेरे में रही है उसके बावजूद कोई भी अधिकारी जेल के पीछे नहीं है।कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि नीट परीक्षा को रद्द करते हुए पेपर लीक मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी मे कराई जाय। मानव संसाधन विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा दें तथा मामले में जेपीसी गठित की जाय साथ ही 2024 की नीट परीक्षा की भी जांच कराई जाय पत्रकार वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह, शीशपाल बिष्ट, मनोज सैनी आदि उपस्थित थे



