उत्तराखंड की आर्थिकी की आधार, चारधाम और हेमकुंट साहिब यात्रा, जून के चौथे सप्ताह तक भी उत्साह के साथ जारी है। यात्रा मार्ग पर हो रही प्री-मानसून बारिश के बावजूद प्रतिदिन औसत 40 हजार से अधिक यात्री दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रा मार्ग के कारोबारी इस साल गत वर्ष के मुकाबले और बेहतर कारोबार की उम्मीद कर रहे हैं।
16 जून को कर्णप्रयाग में दो पक्षों के बीच हुए तत्कालिक विवाद के बावजूद यात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी है। इस प्रकरण को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्य सरकार ने अत्यंत संयम, संवेदनशीलता और संतुलन के साथ संभाला। सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए सभी पक्षों से संवाद किया तथा यह सुनिश्चित किया कि चारधाम और हेमकुंट साहिब यात्रा की व्यवस्थाएं किसी भी प्रकार से प्रभावित न हों। यही कारण रहा कि यात्रा सुचारू रूप से चलती रही और प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों का विश्वास बना रहा।
इधर, गत वर्षों की भांति इस साल भी जून के चौथे सप्ताह तक आते-आते यात्रियों की संख्या में शुरुआती चरण के मुकाबले धीरे-धीरे कमी आने लगी है। बावजूद इसके गत एक सप्ताह के दौरान यमुनोत्री में प्रतिदिन औसत 3500, गंगोत्री में 4000, केदारनाथ में 12 हजार, बद्रीनाथ में 18 हजार और हेमकुंट साहिब में 4500 से अधिक यात्री दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यही कारण है कि 24 जून तक कुल रजिस्ट्रेशन की संख्या 52 लाख के पार पहुंच चुकी है, जिसमें से कुल दर्शनार्थियों का आंकड़ा 40 लाख के पार निकल चुका है। आंकड़े बताते हैं कि इस साल यात्रा नई ऊंचाई को छू रही है। अच्छी बात यह रही कि इस साल प्री-मानसून बारिश के बावजूद कहीं भी मार्ग बंद होने या किसी अन्य प्राकृतिक कारण से यात्रा प्रभावित नहीं हुई है।
कारोबारियों की बढ़ी उम्मीदें
यात्रा मार्ग के कारोबारियों के मुताबिक, यात्रा के शुरुआती दो महीने कारोबार के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस बार लंबे समय बाद इन महीनों के दौरान यात्रा बिना किसी बड़ी बाधा के सम्पन्न हुई, जिससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। कारोबारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार के कुछ प्रयासों के बावजूद हिंदू और सिख श्रद्धालु सामान्य रूप से यात्रा में शामिल हो रहे हैं और यात्रा मार्गों पर जनजीवन तथा व्यवसाय सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं।
कारोबारियों ने सरकार के प्रयास को सराहा
कर्णप्रयाग विवाद से पैदा हालातों को सरकार ने जिस संयम के साथ संभाला, उसे यात्रा मार्ग के कारोबारियों ने सराहा है। केदारधाम होटल ऑनर्स एसोसिएशन के सचिव मनोज सेमवाल ने कहा कि इस साल यात्रा शुरुआती चरण में शानदार तरीके से चली है। यदि कर्णप्रयाग में हुआ दो पक्षों का विवाद तूल पकड़ता तो इसका असर विशेषकर केदारनाथ- बद्रीनाथ की यात्रा पर पड़ता। वहीं प्रांतीय उद्योग वयापार मंडल उत्तराखंड के प्रदेश संगठन मंत्री बुद्धि बल्लभ ममंगाई ने कहा कि कर्णप्रयाग की घटना के बाद कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर उत्तराखंड के तीर्थाटन- पयर्टन के खिलाफ नैरेटिव बनाने का प्रयास किया। लेकिन सरकार ने इस प्रकरण को समय रहते शांतिपूर्वक तरीके से हल कर दिया, जिस कारण यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ा। स्थानीय परिवहन कारोबारियों ने भी कहा है कि यदि दो पक्षों का विवाद आगे बढ़ता तो स्थानीय स्तर पर कारोबार प्रभावित हो सकता था। इसलिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले का शांतिपूर्वक समाधान निकाल कर, यात्रा पर किसी भी तरह का दुष्प्रभाव नहीं पड़ने दिया।
“चारधाम एवं हेमकुंट साहिब यात्रा उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। यह प्रसन्नता का विषय है कि इस वर्ष यात्रा के शुरुआती दो महीनों में यात्रा सकुशल और व्यवस्थित रूप से संचालित हुई है। कर्णप्रयाग की घटना के दौरान भी राज्य सरकार ने अत्यंत संवेदनशीलता और संतुलन के साथ स्थिति का प्रबंधन किया तथा यह सुनिश्चित किया कि श्रद्धालुओं की यात्रा और स्थानीय जनजीवन प्रभावित न हो। राज्य सरकार यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने तथा यात्रा मार्गों पर आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।”



