Saturday, March 28, 2026
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Homeउत्तराखंडएसजीआरआर विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन वैश्विक विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

एसजीआरआर विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन वैश्विक विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश से आए विशेषज्ञों, शोधार्थियों और योग साधकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। “योग एवं आयुर्वेदिक पर्सपेक्टिव ऑफ न्यूट्रिशन फॉर लाइफस्टाइल डिसऑर्डर्स” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य जीवनशैली संबंधी बीमारियों के समाधान में योग और आयुर्वेद की भूमिका को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना रहा।
सम्मेलन का आयोजन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ यौगिक साइंस एवं नेचुरोपैथी द्वारा आईक्यूएसी के तत्वावधान में यूकॉस्ट के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की सहभागिता रही। विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने आयोजकों को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए ऐसे आयोजनों को समय की आवश्यकता बताया।
सम्मेलन के मुख्य आयोजक एवं डीन प्रो. डॉ. ओम नारायण तिवारी ने स्वागत भाषण में कहा कि वर्तमान समय में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, जिनकी रोकथाम के लिए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय निरंतर योग के प्रचार-प्रसार और शोध गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है।
मुख्य वक्ता प्रो. रमाकांत पांडे (कुलपति, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय) ने योग को शरीर, मन और आत्मा के समन्वय की समग्र विधा बताते हुए इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। वहीं, आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. धनंजय कुमार श्रीवास्तव ने संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और अनुशासित दिनचर्या को स्वस्थ जीवन का आधार बताया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी योग की बढ़ती लोकप्रियता पर चर्चा हुई। जर्मनी की योग प्रैक्टिश्नर लिया गोर्डेल ने भारतीय योग परंपरा की सराहना की, जबकि अमेरिका, दुबई, वियतनाम और अफ्रीका से जुड़े विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि योग और आयुर्वेद आज वैश्विक स्वास्थ्य के प्रभावी साधन बन चुके हैं।
सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों ने योग चिकित्सा, आयुर्वेदिक पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और जीवनशैली रोगों की रोकथाम पर शोध पत्र प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक शोध और प्रमाण आधारित अध्ययन की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान प्राइम मिनिस्टर अवार्डी डॉ. रामेश लाल बिजलानी और योग में अर्जुन पुरस्कार विजेता डॉ. आरती पाल को सम्मानित किया गया। अंत में प्रो. (डॉ.) कंचन जोशी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। यह सम्मेलन न केवल योग और भारतीय संस्कृति के वैश्विक महत्व को रेखांकित करने में सफल रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान के आदान-प्रदान का सशक्त मंच भी साबित हुआ।
कार्यक्रम में परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुनील किस्टवाल, डीएसडब्ल्यू प्रो. मालविका कांडपाल, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सोनिया गंभीर, आईआईसी निदेशक प्रो. द्वारिका प्रसाद मैठाणी, प्रो. अरूण कुमार, प्रो. कंचन जोशी, प्रो. सरस्वती काला, डॉ. एस.पी. रयाल, डॉ. राजेद्र सिंह नेगी, डॉ. बिजेंद्र गुसाईं, डॉ. अनिल थपलियाल, डॉ. प्रेरणा, डॉ. हिमानी नौटियाल, डॉ. आशा बाला सहित सभी शिक्षकगण और सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे

Ankur Singh
Ankur Singhhttps://hilllive.in
Ankur Singh is an Indian Journalist, known as the Senior journalist of Hill Live
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